India AI Impact Summit 2026 Live: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन कर दिया है। आज इस शिखर सम्मेलन के औपचारिक उद्घाटन में पीएम मोदी ने संबोधित किया है। एआई को लेकर भारत की क्या रणनीति है और इसके माध्यम से ग्लोबल साउथ को किस तरह लाभान्वित किया जा सकेगा, इसके बारे में पीएम मोदी ने ग्लोबल लीडर्स के बीच अपना संबोधन दिया है। इसके अलावा पीएम एआई इंपैक्ट एक्सपो का दौरा कर चुके हैं और इस शिखर सम्मेलन में आज पूरे दिन विश्व के अन्य शीर्ष नेतागण भी उनके साथ रहेंगे।
समिट में 100 से ज्यादा सरकारी प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं जिनमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, शासन-प्रमुख और करीब 60 मंत्री के अलावा उप-मंत्री शामिल हैं। इनके अलावा दुनियाभर के 500 से अधिक एआई दिग्गज, करीब 100 सीईओ व संस्थापक, 150 शिक्षाविद के अलावा शोधकर्ता और 400 मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ), उपाध्यक्ष और फिलॉन्थ्रॉफी कार्य करने वाले व्यक्ति शामिल हो रहे हैं।
बुधवार को पूरा दिन पीएम मोदी मेहमानों से मुलाकात और उनके स्वागत में व्यस्त थे वहीं भारत मंडपम में लाखों लोग आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की इस अदभुत दुनिया को देख रहे थे। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम में जारी एआई इम्पैक्ट समिट में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा सहित विश्व के नेताओं का स्वागत किया।
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका और भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम, क्रोएशियाई प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक, सेशेल्स के उप-राष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्लई, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस और फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो, यूनान के प्रधानमंत्री क्यारियाकोस मित्सोटाकिस और गुयाना के उप-राष्ट्रपति भरत जगदेवउन नेताओं में शामिल थे जिनका बुधवार को पीएम मोदी ने भव्य रूप से सजाये गए भारत मंडपम में स्वागत किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' में नेताओं के पूर्ण सत्र में कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि एआई शिखर सम्मेलन मानव-केंद्रित और संवेदनशील वैश्विक एआई परिवेशी तंत्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हमें एआई के जिम्मेदार प्रभाव के लिए एक रोडमैप बनाने के वास्ते मिलकर काम करना चाहिए। एआई कंपनियों पर बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है प्रधानमंत्री मोदी ने 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' में नेताओं के पूर्ण सत्र में ये भी कहा कि एआई की वैश्विक यात्रा में आकांक्षी भारत की अहम भूमिका है, इस जिम्मेदारी को समझते हुए भारत बड़े कदम उठा रहा है। एआई के संबंध में भारत की दिशा स्पष्ट है। भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट है। एआई पूरी मानवता के लाभ के लिए एक साझा संसाधन है। हमें मिलकर एक ऐसा एआई भविष्य बनाना होगा जो नवाचार को बढ़ावा दे, समावेशिता को मजबूत करे और मानवीय मूल्यों को समाहित करते हुए आगे बढ़े। जब प्रौद्योगिकी और मानवीय विश्वास साथ-साथ चलेंगे, तभी एआई का वास्तविक प्रभाव दुनिया पर दिखाई देगा।
ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि "भारत में एआई की अपार संभावनाएं हैं। यहां आकर बहुत खुशी हो रही है। यह दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है। शायद इस समय यह सबसे तेजी से बढ़ने वाला बाजार है। ओपनएआई कोडेक्स के लिए तो यह निश्चित रूप से सबसे तेजी से बढ़ने वाला बाजार है। यहां 10 करोड़ से अधिक लोग हैं। वे हर हफ्ते चैटजीपीटी का उपयोग करते हैं। हमें यहां आकर बेहद खुशी हो रही है।"
ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि "भारत में एआई की अपार संभावनाएं हैं। यहां आकर बहुत खुशी हो रही है। यह दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है। शायद इस समय यह सबसे तेजी से बढ़ने वाला बाजार है। ओपनएआई कोडेक्स के लिए तो यह निश्चित रूप से सबसे तेजी से बढ़ने वाला बाजार है। यहां 10 करोड़ से अधिक लोग हैं। वे हर हफ्ते चैटजीपीटी का उपयोग करते हैं। हमें यहां आकर बेहद खुशी हो रही है।"
ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि "भारत में एआई की अपार संभावनाएं हैं। यहां आकर बहुत खुशी हो रही है। यह दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है। शायद इस समय यह सबसे तेजी से बढ़ने वाला बाजार है। ओपनएआई कोडेक्स के लिए तो यह निश्चित रूप से सबसे तेजी से बढ़ने वाला बाजार है। यहां 10 करोड़ से अधिक लोग हैं। वे हर हफ्ते चैटजीपीटी का उपयोग करते हैं। हमें यहां आकर बेहद खुशी हो रही है।"
मुकेश अंबानी ने आज घोषणा की कि उनका समूह आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) में सात वर्ष में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में अंबानी ने कहा कि एआई का सर्वश्रेष्ठ रूप अभी आना बाकी है और एआई में अपार समृद्धि का युग लाने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि दुनिया एआई को लेकर दोराहे पर खड़ी है। जहां एक रास्ता दुर्लभ, महंगी एआईऔर नियंत्रित डेटा की ओर ले जाता है जबकि दूसरा रास्ता सस्ती एवं सुलभ एआई सुनिश्चित करता है। मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो, रिलायंस के साथ मिलकर इस साल से अगले सात वर्ष में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह कोई सट्टा निवेश नहीं है। यह मूल्य वृद्धि के लिए नहीं है। यह धैर्यपूर्ण, अनुशासित राष्ट्र निर्माण में लगाई जा रही पूंजी है। उन्होंने कहा कि एआई में सबसे बड़ी बाधा प्रतिभा की कमी नहीं, बल्कि 'कंप्यूटिंग' की उच्च लागत है। अब जियो इंटेलिजेंस, भारत का संप्रभु कंप्यूटिंग अवसंरचना तैयार करेगी और इसमें गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर शामिल हैं। अंबानी ने कहा कि जियो ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ा और अब यह इसे बुद्धिमता के युग से जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि हम हर नागरिक, हर क्षेत्र एवं सामाजिक विकास के हर पहलू तक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) पहुंचाएंगे। जियो यह सब उसी विश्वसनीयता, व्यापकता और बेहद किफायती कीमत के साथ करेगा जिससे उसने संपर्क क्षेत्र (मोबाइल डेटा) में क्रांति ला दी थी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में कहा कि एआई का सर्वश्रेष्ठ दौर अभी आना बाकी है। एआई अत्यधिक समृद्धि के युग की शुरुआत कर सकता है और भारत में इसके लिए अपार संभावनाएं हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक शूफ, हेलेनिक प्रधानमंत्री क्यारियाकोस मित्सोटाकिस, स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय परमेलिन, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस और विश्व के अन्य दिग्गज नेताओं के साथ इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में एक सामूहिक तस्वीर खिंचवाई और इसे सम्मेलन की यादगार तस्वीरों में से एक बना दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को एआई में उज्ज्वल भविष्य दिखाई देता है। हमारे पास प्रतिभा, ऊर्जा क्षमता और नीतिगत स्पष्टता है। मुझे आप सभी को यह सूचित करते हुए खुशी हो रही है कि इस शिखर सम्मेलन में तीन भारतीय कंपनियों ने अपने एआई मॉडल और ऐप्स लॉन्च किए हैं। ये मॉडल हमारे युवाओं की प्रतिभा को प्रदर्शित करते हैं. मैं आप सभी को भारत में डिजाइन और विकास करने, दुनिया को, मानवता को सौंपने के लिए आमंत्रित करता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि AI को मशीन सेंट्रिक से ह्यूमन सेंट्रिक कैसे बनाएं, संवेदनशील और उत्तरदायी कैसे बनाएं। यही इस ग्लोबल एआई इंपैक्ट समिट का मूल उद्देश्य है। आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है और गहरा भी है, व्यापक भी है। इसलिए हमें विजन भी बड़ा रखना है और जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी निभानी है। वर्तमान पीढ़ी के साथ ही हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ियों के हाथों में हम AI का क्या स्वरूप सौंपकर जाएंगे। दुनिया के 100 से ज्यादा देशों का रीप्रेजेंटेशन, दुनिया के कोने-कोने से यहां आए महानुभाव इस समिट की सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। इसमें यंग जेनरेशन की जो उपस्थिति हमने देखी है, वो एक नया विश्वास पैदा करती है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत AI को किस दृष्टि से देखता है उसका स्पष्ट प्रतिबिंब इस समिट की थीम में है जो सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय है। यही हमारा बेंचमार्क है। AI के लिए इंसान सिर्फ डेटा पॉइंट न बन जाए, इंसान सिर्फ रॉ मैटीरियल तक सीमित न रह जाए। इसलिए AI को डेमोक्रेटाइज्ड करना होगा। इसे इंक्लूजन और एंपावरमेंट का माध्यम बनाना होगा और विशेष रूप से ग्लोबल साउथ में इसका ध्यान रखना होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को एआई में भय नहीं बल्कि भाग्य दिखता है। भारत को एआई में भविष्य दिखता है। भारत सिक्योर डेटा सेंटर्स, मजबूत आईटी सिस्टम्स के बल पर एआई की सफलता को सुनिश्चित करता है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत को एआई में भय नहीं बल्कि भाग्य दिखता है। भारत को एआई में भविष्य दिखता है। भारत सिक्योर डेटा सेंटर्स, मजबूत आईटी सिस्टम्स के बल पर एआई की सफलता को सुनिश्चित करता है। विश्व के युवाओं द्वारा एआई को अपनाने और इसकी जिम्मेदारी लेने की गति सराहनीय है। एआई शिखर सम्मेलन को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज मैं आपके सामने एआई के फ्यूचर के लिए MANAV विजन प्रस्तुत करता हूं जिसके आधार पर हमारा फ्यूचर ऑफ वर्क नए अवसर लेकर आएगा।
MANAV का अर्थ है
M -मोरल और एथिकल सिस्टम
A-अकाउंटेबल गवर्नेंस
N-नेशनल सॉवेरेनिटी
A-एक्सिसेबल और इंक्लूसिव
V-वैलिड और लैजिटिमेट
वर्तमान पीढ़ी के साथ हमें इस बात का भी ध्यान रखना है कि आने वाली पीढ़ी के लिए हम एआई का क्या स्वरूप छोड़कर जाएंगे। ऐसे सवाल पहले भी मानवता के सामने आए हैं जैसे कि न्यूक्लियर पावर के मोर्चे पर आए थे। एआई के साथ भी ऐसा ही है क्योंकि अगर इसका गलत इस्तेमाल हो या ये दिशाहीन हो तो ये रुकावट बन सकती है और सही इस्तेमाल हो तो ये समाधान बन सकती है। एआई के लिए इंसान सिर्फ डेटा पॉइंट या रॉ मैटीरियल ना बन जाए और इसे इंक्लूजन और एंपावरमेंट का साधन बनाना होगा। हमें एआई को ओपन स्काई देने के साथ इसकी कमांड भी अपने हाथ में रखनी है जिस तरह जीपीएस हमें दिशा तो दिखाता है लेकिन रास्ता वही लेना है या नहीं, ये हम पर निर्भर करता है-ठीक उसी तरह का नजरिया एआई के लिए रखना होगा।
इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय संबोधित कर रहे हैं और उन्होंने यहां शिखर सम्मेलन में मौजूद तमाम वैश्विक नेताओं, टेक लीडर्स और प्रतिनिधियों का स्वागत किया। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया की सबसे ऐतिहासिक एआई समिट में आप सभी का स्वागत है। भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है, सबसे बड़े टेक टैलेंट पूल का स्थान है। नई टेक्नोलॉजी के प्रति उत्सुक 140 करोड़ देशवासियों की तरफ से आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।
पिछले साल जब फ्रांस और भारत ने पेरिस में एआई एक्शन समिट की सह-मेजबानी की, तो हमने उन प्रौद्योगिकियों के लिए एक वैश्विक मार्गदर्शक सिद्धांत निर्धारित किया जो हमारे समाजों और अर्थव्यवस्थाओं को बदल देंगी। हमारा मानना है कि एआई मानवता को तेजी से इनोवेशन करने, हेल्थकेयर सर्विसेज, एनर्जी, ट्रांसपोर्ट, कृषि और सार्वजनिक सेवाओं में व्यापक बदलाव लाने और मानव जाति के हित में काम करने में सक्षम बनाएगी। भारत और फ्रांस हम दोनों इस क्रांति में विश्वास करते हैं। एआई रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का एक प्रमुख क्षेत्र बन गया है, और बड़ी तकनीकी कंपनियां और भी बड़ी हो गई हैं.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एआई इंपैक्ट समिट में संबोधन के दौरान कहा कि एआई का इस्तेमाल करके अर्थव्यवस्थाएं और बेहतर हो सकती हैं। एआई के जरिए भारत और हमारे जैसे कई देश एनर्जी के फील्ड में, लो कार्बन और एफिशिएंट एनर्जी को बनाने में सफल हो रहे हैं और ये ग्लोबल मदद के लिए काफी कारगर माना जा सकता है। भारत के एआई इंजीनियर्स की संख्या दुनिया में दूसरी सबसे ज्यादा है और भारत तेजी से यूनिकॉर्न और लार्जकैप्स के फील्ड में आगे बढ़ रहा है। क्वांटम पावर के लिए भी भारत में अपार क्षमताएं हैं और इनका इस्तेमाल इंडिया कर रहा है।
फ्रांस ने पंद्रह साल के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बंद किया है । फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि हम इस रास्ते पर आगे निकल चुके हैं और हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी भी इसी रास्ते पर चलेंगे। उन्होंने कहा कि "महामहिम महोदय, आप भी इस क्लब में शामिल होंगे...बच्चों और किशोरों की सुरक्षा के लिए", मैक्रों ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के लिए कार्रवाई करेंगे। उन्होंने आगे कहा, "बच्चों की सुरक्षा नियमन नहीं, बल्कि सभ्यता है।"
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटोरेस का कहना है कि एआई की मदद से धरती को प्रोटेक्ट करना जरूरी है और किसी बच्चे पर इसका गलत प्रभाव ना पड़े, इसका ध्यान रखना तकनीकी दिग्गजों का काम है और इसके लिए उनका लगातार काम करते रहना जरूरी है। इस शिखर सम्मेलन का संदेश सीधा-सादा है। वास्तविक प्रभाव का अर्थ है ऐसी तकनीक जो जीवन को बेहतर बनाए और ग्रह की रक्षा करे। इसलिए आइए, गरिमा को सर्वोपरि मानकर सबके लिए एआई का निर्माण करें।
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में कहा कि वो भारत आकर बेहद खुश हैं और आज वो इस बात से बेहद खुश हैं कि किस तरह भारत एआई के फील्ड में उल्लेखनीय रूप से आगे आया है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई का कहना है कि हम अति प्रगति के कगार पर है जहां एआई का इस्तेमाल इतनी अधिक तेजी से हो रहा है कि इसके नियंत्रित तरीके से रहना भी बेहद जरूरी है। हेल्थकेयर, एजूकेशन और जनसेवा के क्षेत्र में एआई का योगदान किस तरह लिया जा सकता है, ये हमें मिलकर तय करना होगा। सुंदर पिचाई ने कहा कि गूगल भारत में अपने 15 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश के तहत एक फुल-स्टैक एआई हब स्थापित कर रहा है और इसके जरिए भारत में उभरती प्रतिभाओं को नए अवसर मिलेंगे। नए निर्माण होंगे और एआई के फील्ड में भारत और अग्रणी लीडर के तौर पर वैश्विक नेतृत्व करेगा।
गूगल और अल्फाबेट के CEO सुंदर पिचाई ने कहा, "भारत वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है। हर बार जब मैं आता हूं, तो बदलाव की रफ्तार देखकर हैरान रह जाता हूं और आज भी कुछ अलग नहीं है। जब मैं स्टूडेंट था, तो मैं अक्सर चेन्नई से IIT खड़गपुर तक कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन लेता था। वहां जाने के लिए हम विशाखापत्तनम से गुजरते थे। मुझे याद है कि यह एक शांत और मामूली तटीय शहर था जो संभावनाओं से भरा हुआ था। अब उसी शहर में, गूगल एक फुल-स्टैक AI हब बना रहा है, जो भारत में हमारे15 बिलियन डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट का हिस्सा है।"
एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो एमोडेई (Dario Amodei) इस समय इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में स्पीच दे रहे हैं और उनका कहना है कि एआई एजेंट्स आजकल सुपर ह्यूमन स्पीड से काम कर रहे हैं और उनका इस्तेमाल मानवता की सेवा करने के लिए किया जाएगा और इसके लिए वो काम करते रहेंगे। भारत का रोल एआई की फील्ड में बेहद अहम है और कंपनी भी इसको ध्यान में रखते हुए भारत में ऑफिसेज खोल रही है। ग्लोबल साउथ के लिए हम कुछ नए एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रहे हैं। हम कोरिया के साथ भी काम कर रहे हैं और भारत के साथ लोकल स्तर पर कई रीजनल लैंग्वेज के तहत काम करने पर प्लान चल रहा है।
टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा ग्रुप एआई ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर बना रहा है और ओपनएआई के साथ भी हमने पार्टनरशिप की है जिसके दम पर एआई इ्ंफास्ट्रक्चर को आगे बढ़ाया जा रहा है। हम आई डेटा इनसाइट प्लेटफॉर्म को डेवलप कर रहे हैं। हम एआई ऑपरेटिंग सिस्टम डेवलप कर रहे हैं जो कि इंडस्ट्री के लिए एआई सॉल्यूशंस और सर्विसेज प्रोवाइडर होगा।
टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में कहा कि भारत तेजी से एआई के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और एआई का हमारे देश की पब्लिक सर्विसेज पर बड़ा असर पड़ रहा है। टेक सेक्टर और आईटी इंडस्ट्री के ऊपर इसका व्यापक असर देखा जा रहा है और इसके लिए इकोसिस्टम बनाने के लिए एआई की मदद से हम वृहद बदलाव ला रहे हैं।
भारत मंडपम में इस समय वैश्विक नेताओं के स्वागत के तहत फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रों का स्वागत किया गया है। पीएम मोदी ने ग्लोबल लीडर्स का सम्मान किया है और उनके साथ फैमिली फोटो भी खिंचवाया जाएगा।
इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव इस समय वेलकम स्पीच दे रहे हैं और उनका कहना है कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत हमने कॉमन कंप्यूट प्लेटफॉर्म के जरिए 38,000 जीपीयू का निर्माण किया है और भविष्य में 20,000 जीपीयू और जोड़ने वाले हैं। भारत में हम पांच स्तरीय सूत्रों के जरिए एआई के विजन पर काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमाम वैश्विक शीर्ष नेतागण भी एआई इंपैक्ट समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत मंडपम में आ चुके हैं और कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है। थोड़ी देर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एआई के इस महासम्मेलन को संबोधित करेंगे।
गेट्स फाउंडेशन इंडिया की ओर से जानकारी दी गई है कि इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 में बिल गेट्स अपना मुख्य भाषण नहीं देंगे। गेट्स फाउंडेशन इंडिया की ओर से एक्स पर लिखा गया कि "गहन विचार-विमर्श के बाद और यह सुनिश्चित करने के लिए कि एआई शिखर सम्मेलन की प्रमुख प्राथमिकताओं पर ही ध्यान केंद्रित रहे, बिल गेट्स अपना मुख्य भाषण नहीं देंगे। गेट्स फाउंडेशन की ओर से अफ्रीका और भारत कार्यालयों के अध्यक्ष अंकुर वोरा आज बाद में शिखर सम्मेलन में भाषण देंगे।
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने इंडिया एआई इंपैक्ट समिट से एक फोटो शेयर की है और इसमें वो गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई के साथ तस्वीर खिंचाते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस फोटो के साथ सर्जियो गोर ने कैप्शन में लिखा है- "इंडिया AI इम्पैक्ट समिट जोरों पर!"
ओपनिंग सेरेमनी में पीएम मोदी लोगों को संबोधित करेंगे। इनके साथ फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों और यूनाइटेड नेशंस सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस का भी भाषण होगा। दिन भर के बिजी शेड्यूल के बाद शाम 5:30 बजे से पीएम मोदी CEO राउंडटेबल में हिस्सा लेंगे जहां एआई में निवेश के साथ रिसर्च कोलॉबोरेशन पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा एआई से जुड़ी सप्लाई चेन और AI डिप्लॉयमेंट पर सार्थक मंथन करेंगे जिसमें सरकारी लीडरशिप के साथ जुड़ेंगे।
इस ग्लोबल समिट में गूगल, OpenAI, माइक्रोसॉफ्ट, IBM, एंथ्रोपिक, AMD जैसी दुनिया की बड़ी बड़ी कंपनियां अपने AI मॉडल्स को शो-केस कर रही हैं। जैसे कि इंटरनेशनल सॉफ्टवेयर कंपनी IBM ने एआई समिट में आर्टिफशियल इंटेलिजेंस का एक ऐसा टूल पेश किया है जो किसानों के लिए बहुत काम का होगा। इस AI टूल की मदद से किसान अपनी फसलों की बीमारियों का पता लगाकर उनसे छुटकारा पाने के उपाय जान सकेंगे। इसके अलावा DRDO ने एआई समिट में एक स्मार्ट फेशियल रिकॉग्निशन टूल भी शोकेस किया है। ये AI टूल हजारों की भीड़ में आतंकवादियों और क्रिमिनल्स की पहचान कर लेगा। यानी चाहे कोई नकाब लगाए या हेलमेट, ये टूल हर अपराधी को पकड़ लेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मंडपम में विश्व नेताओं का स्वागत करेंगे और सुबह लगभग 9:15 बजे उनके साथ फैमिली फोटो ली जाएगी।
पीएम मोदी सुबह 9.40 बजे समिट का उद्धाटन करेंगे और उसके बाद करीब साढ़े 10 बजे पीएम मोदी का संबोधन होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री दूसरे नेताओं के साथ सुबह लगभग 11 बजे इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का दौरा करेंगे। यहां सभी नेता अलग अलग देशों के पविलियन में जाएंगे। दोपहर 12 बजे पीएम मोदी सेशन में हिस्सा लेंगे। इस सेशन में एआई से जुड़ी नेशनल और इंटरनेशनल प्राथमिकताओं पर चर्चा की जाएगी। इस सेशन में सभी देशों के स्टेट हेड्स, मंत्री और अलग अलग संस्थानों के सीनियर रिप्रेंजेंटेटिव मौजूद रहेंगे। इस समिट में सुंदर पिचाई , सैम ऑल्टमैन और बिल गेट्स जैसे 100 से ज्यादा ग्लोबल दिग्गज पीएम मोदी के साथ एक मेज पर बैठेंगे जिसमें भारत में एआई सेक्टर में बड़े निवेश और रणनीतिक पार्टनरशिप पर अहम फैसले होंगे।
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